Ayushman Ayurveda Interactive Mock Series
AIAPGET - 2026 QUESTION PAPER
👉 Click on your chosen option. Reference can be unlocked on demand.
भाग १: चरक संहिता (Charaka Samhita)
Q. 1
आयुर्वेद के अनुसार द्रव्य की निम्नलिखित में से कौन-सी परिभाषा श्रेष्ठ है?
✅ सही उत्तर: (स) जिस पर गुण और कर्म आश्रित होते हैं तथा जो समवायी कारण के रूप में रहता है।
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 1/51 ("यत्राश्रिताः कर्मगुणाः कारणं समवायि यत्। तद्द्रव्यम्...")
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 1/51 ("यत्राश्रिताः कर्मगुणाः कारणं समवायि यत्। तद्द्रव्यम्...")
Q. 2
प्रसव के तीसरे दिन आवश्यकता होने पर चरकोक्त स्तन्यशोधन द्रव्य के रूप में कौन-सी औषधियाँ दी जा सकती हैं?
A. चन्दन | B. पाठा | C. कुटकी | D. गुडूची | E. शतावरी
A. चन्दन | B. पाठा | C. कुटकी | D. गुडूची | E. शतावरी
✅ सही उत्तर: (ब) केवल B, C, D (पाठा, कुटकी, गुडूची)
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 4/18 (स्तन्यशोधन महाकषाय)
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 4/18 (स्तन्यशोधन महाकषाय)
Q. 3
स्वांगुलि प्रमाण के अनुसार प्रायोगिक धूमपान नेत्र की लंबाई कितनी होनी चाहिए?
✅ सही उत्तर: (स) 36 अंगुल
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 5/49–50 (प्रायोगिक धूमनेत्र प्रमाण = 36 अंगुल)
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 5/49–50 (प्रायोगिक धूमनेत्र प्रमाण = 36 अंगुल)
Q. 4
दण्ड धारण के निम्नलिखित में से कौन-कौन से गुण हैं?
A. अवष्टम्भन | B. भयघ्न | C. वृष्य | D. आयुष्य | E. हर्षण
A. अवष्टम्भन | B. भयघ्न | C. वृष्य | D. आयुष्य | E. हर्षण
✅ सही उत्तर: (ब) केवल A, B और D
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 5/102 ("स्खलतः संप्रतिष्ठानं शत्रूणां च निषूदनम्। अवष्टम्भनमायुष्यं भयघ्नं दण्डधारणम्॥")
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 5/102 ("स्खलतः संप्रतिष्ठानं शत्रूणां च निषूदनम्। अवष्टम्भनमायुष्यं भयघ्नं दण्डधारणम्॥")
Q. 5
निम्नलिखित में से कौन-सा आचरण आरोग्य तथा इन्द्रिय विजय दोनों को विशेष रूप से प्राप्त कराता है?
✅ सही उत्तर: (स) सद्वृत्त
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 8/17
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 8/17
Q. 6
अस्थिक्षय का निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षण है?
✅ सही उत्तर: (स) केशनख प्रपतन
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 17/67 ("केशश्मश्रुनखप्रपातः... अस्थिक्षये")
📖 संदर्भ: चरक संहिता, सूत्रस्थान 17/67 ("केशश्मश्रुनखप्रपातः... अस्थिक्षये")
Q. 7
विरेचन द्रव्य में किन महाभूतों की प्रधानता होती है?
✅ सही उत्तर: (ब) सलिल-पृथ्वी (जल एवं पृथ्वी महाभूत अधोगमन स्वभाव के कारण विरेचक होते हैं)
📖 संदर्भ: चरक संहिता, कल्पस्थान 1/5
📖 संदर्भ: चरक संहिता, कल्पस्थान 1/5
Q. 8
नव ज्वर में आचार्य चरक के अनुसार निम्नलिखित में से क्या निर्दिष्ट है?
A. बृंहण | B. लंघन | C. कषाय | D. षडंगपानीय
A. बृंहण | B. लंघन | C. कषाय | D. षडंगपानीय
✅ सही उत्तर: (द) केवल B और D (लंघन एवं षडंगपानीय नवज्वर में निर्दिष्ट हैं)
📖 संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सा स्थान 3/139–145
📖 संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सा स्थान 3/139–145
Q. 9
चरक के अनुसार मोचरसम् सिद्ध क्षीर किसमें हितकर है?
✅ सही उत्तर: (ब) गुदमार्गगत रक्तपित्त
📖 संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सा स्थान 4/86
📖 संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सा स्थान 4/86
Q. 10
ज्वर प्रारम्भ होने के बाद कषाय पान किस दिन से प्रारम्भ करना चाहिए?
✅ सही उत्तर: (स) सप्तम दिन (सप्तरात्रात् परं ज्वरे कषायं पाययेद् भिषक्)
📖 संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सा स्थान 3/160
📖 संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सा स्थान 3/160
भाग २: सुश्रुत संहिता (Sushruta Samhita)
Q. 11
आचार्य सुश्रुत के अनुसार प्रमेह/मधुमेह के लिए श्रेष्ठ रसायन कौन-सा है?
✅ सही उत्तर: (ब) शिलाजीत
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, चिकित्सा स्थान 13
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, चिकित्सा स्थान 13
Q. 12
“व्रणेषु पथ्यस्तिलवच्च नित्यम्” के अनुसार कौन-सा आहार व्रण में पथ्य माना गया है?
✅ सही उत्तर: (ब) यव
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान 46/41–42
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान 46/41–42
Q. 13
“क्षिप्रोद्गमा क्षिप्रविदाहपाका तीव्र ज्वर” किस प्रकार की रोहिणी से संबंधित है?
✅ सही उत्तर: (ब) पित्तज रोहिणी
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, निदानस्थान 16/51
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, निदानस्थान 16/51
Q. 14
आचार्य सुश्रुत ने “दुष्ट प्रतिश्याय” में निम्नलिखित में से कौन-कौन से लक्षण बताए हैं?
A. नासागत रक्तपित्त | B. निःश्वासोच्छ्वास-दौर्गन्ध्यम् | C. नासिका का कभी आर्द्र और कभी शुष्क होना | D. गन्धज्ञान नाश | E. शिरःशूल
A. नासागत रक्तपित्त | B. निःश्वासोच्छ्वास-दौर्गन्ध्यम् | C. नासिका का कभी आर्द्र और कभी शुष्क होना | D. गन्धज्ञान नाश | E. शिरःशूल
✅ सही उत्तर: (स) केवल B, C और D
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, उत्तरतंत्र 24/14–16
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, उत्तरतंत्र 24/14–16
Q. 15
“त्रिफला तुल्य कासीस सैन्धवैश्च रसक्रिया” का प्रयोग किस नेत्र रोग में किया जाता है?
✅ सही उत्तर: (स) कृमिग्रन्थि
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, उत्तरतंत्र 14/8–9
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, उत्तरतंत्र 14/8–9
Q. 16
सुश्रुतोक्त दन्तहर्ष रोग में कौन-सा दोष प्रमुख है?
✅ सही उत्तर: (अ) शुद्ध वातज
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, निदानस्थान 16/30 (शीतोष्णं सहते नाति दन्तानां हर्षणोऽनिलात्)
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, निदानस्थान 16/30 (शीतोष्णं सहते नाति दन्तानां हर्षणोऽनिलात्)
Q. 17
दर्वीकर सर्प विष के लक्षण निम्नलिखित क्रम में प्रकट होते हैं—
A. रक्तदूषण एवं पिपीलिका परिसर्पण | B. तन्द्रा, प्रसेक एवं सन्धि विश्लेष | C. शोफ एवं अंग में ग्रन्थियाँ | D. पर्वभेद, हिक्का एवं दाह | E. दंशस्थल पर क्लेद एवं शिरोगौरव
A. रक्तदूषण एवं पिपीलिका परिसर्पण | B. तन्द्रा, प्रसेक एवं सन्धि विश्लेष | C. शोफ एवं अंग में ग्रन्थियाँ | D. पर्वभेद, हिक्का एवं दाह | E. दंशस्थल पर क्लेद एवं शिरोगौरव
✅ सही उत्तर: (अ) A → C → E → B → D
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, कल्पस्थान 4/39
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, कल्पस्थान 4/39
Q. 18
आचार्य सुश्रुत के अनुसार “अंगमर्द” किसका लक्षण है?
✅ सही उत्तर: (अ) आर्तव वृद्धि
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान 15/16 ("आर्तवं वृद्धिमदङ्गमर्दं च...")
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान 15/16 ("आर्तवं वृद्धिमदङ्गमर्दं च...")
Q. 19
“शरीरोपचयो बलं वर्णः स्थितिहानिश्च” किस गर्भकर भाव से प्राप्त होता है?
✅ सही उत्तर: (अ) रसज भाव
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, शरीरस्थान 3/33
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, शरीरस्थान 3/33
Q. 20
निम्नलिखित दग्ध प्रकारों का उनके लक्षणों से सही मिलान कीजिए:
| दग्ध प्रकार | लक्षण |
|---|---|
| A. त्वग्दग्ध | I. कपोतवर्णता |
| B. मांसदग्ध | II. रूक्ष-अरुणता |
| C. सिरा-स्नायु दग्ध | III. शब्दप्रादुर्भाव |
| D. सन्धिदग्ध | IV. कृष्णोन्नत-व्रणता |
✅ सही उत्तर: (स) A-III, B-I, C-IV, D-II
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान 12
📖 संदर्भ: सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान 12
